टेक्नॉलजी का कमाल : फसल खराब होने पर मोबाइल पर आ जाएगा मेसेज, झट से दूर हो जाएगी परेशानी

Updated On: Mar 11, 2018 - 3 महीने पहले
Report By: Goodsamachar.com

टेक्नॉलजी का कमाल : फसल खराब होने पर मोबाइल पर आ जाएगा मेसेज, झट से दूर हो जाएगी परेशानी

हैदराबाद। जरा सोचिए, आप घर पर आराम से लेटे हों आपके मोबाइल पर मेसेज आए कि खेत की फसल खराब हो रही है और आप उस समस्या को जाकर ठीक कर लें और बड़ी परेशानी से निकल आएं। जी हां, यह संभव हो सका है रोबोटिक्स टेक्नॉलजी की वजह से। आंध्र प्रदेश के एक किसान मुनीरथम को अपने फोन पर नोटिफिकेशन मिला पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया जिसकी वजह से उसकी आधी फसल बरबाद हो गई। जबकि पिछले साल फोन पर मिली सूचनाओं ने उसकी फसल को बचा लिया था। रोबोटिक्स उपकरण, जिसे उन्होंने खेत में लगाया था, उससे यह जानकारी मिली थी।

‘आने वाले समय में भारत बनेगा अन्नदाता’

वर्षा, गलत बीज का चयन और कृषि का सही ज्ञान ना होने के कारण किसनों की फसल खराब हो जाती है। खराब फसल के कारण किसान कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं और कर्ज से छुटकारा पाने के लिए वे आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाते हैं। किसानों के जीवन को सुधारने के लिए रोबोटिक्स जैसे उपकरण को बनाया गया है। रोबोटिक्स को एक्साइबिट सिस्टम्स नामक कंपनी ने बनाया है। कंपनी के सीईओ, सत्यजीत महापात्रा का मानना है कि खेती से जुडी समस्याओं को केवल सुधारा ही नहीं जा सकता बल्कि आने वाले समय में वैज्ञानिक खेती से भारत को विश्व का अन्नदाता बनाया जा सकता है। महापात्रा ने कहा, रोबोटिक्स के माध्यम से किसान को केवल फसल बचाने के निर्देश प्राप्त नहीं होते बल्कि परिशुद्धता पद्धति का उपयोग करके किसान फसल के उत्पादन को भी बढ़ा सकता है। मैं इसे फसल की एमआरआई मशीन कहता हूं।

ऐसे मदद करता है उपकरण

इस अनोखे उपकरण का वजन 2 किलो और इसकी लंबाई 40 सेंटीमीटर है। इसमें लगे सेंसर फसल, मिट्टी और नमी पर नज़र रखते हैं। यह उपकरण फोन सूचनाओं के माध्यम से किसानों को जानकारी देता है। इसका एंड्रॉयड ऐप पांच भाषाओं में उपलब्ध है - तेलुगू, तमिल, कन्नड़, हिंदी और अंग्रेजी। यह उपकरण अन्य विष्यों के अलावा खेती के लिए सही समय और सिंचाई के स्तर से जुडे विषयों पर सही निर्णय लेने में मदद करता है।

‘कमाल की है तकनीक’

एक्साबिट सिस्टम के संस्थापक और सीओओ प्रशांत साहू ने कहा, यह तकनीक यंत्र में जुडे वॉल्व की मदद से खेतों में पानी लगा सकती है और ग्रीनहाउस खेती में पंखों को बंद या चालू कर सकती है। इन सारी सुविधाओं के अलावा, यह उत्पाद किसानों को सही बीज, जलवायु और मिट्टी के आधार पर सही फसल को चयन करने में मदद करता है। अगर सभी मानदंड़ों का पालन किया जाए तो यह यंत्र ज़मीन के आधार पर सही फसल एवं उत्पादन की गणना भी कर सकता है।

चार दोस्तों ने शुरू की कंपनी

इस कंपनी को चार इंजीनियर दोस्तों द्वारा स्थापित किया गया है। इनके नाम है अमुल्या मिश्रा, अविनाश अग्रवाल, महापात्र और साहू। एक्सबाइट टीम के लिए यह सफर काफी आसान नहीं था। साहू का कहना है कि सब ने तय किया था कि वे खुद का कोई काम करेंगे। हालांकि समय के साथ सब बदल गया और वे मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने लगे। साहू ने कहा कि मैंने अपना लक्ष्य याद रखा और 2013 से इस पर काम करते हुए 2014 में इस कंपनी की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि निवेश के लिए हमने रिश्तेदारों से मदद ली। उन्होंने बताया कि यह उतना आसान भी नहीं था जितना लग रहा है। किसान इसे ठीक से अपनाने को तैयार ही नहीं थे। हमने कई दिन तक उन्हें समझाया और कुछ हद तक सफलता भी मिली।



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