दशामाता व्रत: जीवन की हर राह को आसान बना देता है यह व्रत

Updated On: Mar 12, 2018 - 3 महीने पहले
Report By: Goodsamachar.com

दशामाता व्रत: जीवन की हर राह को आसान बना देता है यह व्रत

नई दिल्ली। जीवन में कदम-कदम पर प्रतिकूल परिस्थितियां आती हैं। जिनको अनुकूल बनाने के लिए आप तरह-तरह के प्रयत्न करते हैं। ऐसे में चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को दशामाता व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं और रास्ते आसान हो जाते हैं। होली के दसवें दिन रखे जाने वाले इस व्रत को सौभाग्यवती महिलाएं अपने पति की दीर्घ आयु के लिए रखती हैं।

पीपल की पूजा

इस दिन पीपल सभी सौभाग्यवती महिलाएं पीपल के वृक्ष की पूजा करती हैं। पूजा के बाद सभी पूजनस्थल पर नल-दमयंती की कथा सुनती हैं। इस दिन घर की साफ-सफाई के लिए झाडू खरीदने का विधान है। इस दिन पीपल की छाल को स्वर्ण समझकर घर लाया जाता है और तिजोरी में रख दिया जाता है।

व्रत और पूजन विधि

- इस व्रत में एक समय में एक ही प्रकार का ही अन्न ग्रहण किया जाता है।

- भोजन में नमक इस्तेमाल नहीं किया जाता है।

- विशेष रूप से अन्न में गेहूं का ही उपयोग करते हैं।

- इस व्रत का उद्यापन नहीं होता है, जीवनभर यह व्रत रखा जाता है।

- नव विवाहिताओं के लिए इस दिन शादी का जोड़ा पहनना अनिवार्य माना जाता है।

- दशामाता पूजन के पश्चात पथवारी पूजी जाती हैं। मानते हैं कि इस व्रत के प्रभाव से घर की दरिद्रता दूर होती है।

नोट : यह आलेख धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत किया गया है।



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